आरती गुप्ता {साहा} : The Indian sportswoman

Arati Saha : The Indian sportswoman


आरती गुप्ता एक भारतीय तैराक थीं | इनको 29 सितंबर 1959 को इंग्लिश चैनल में तैरने वाली पहली एशियाई महिला बनने के लिए जाना जाता था | 1960 में ये पद्म श्री पुरष्कार से सम्मानित होने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं |

Arati Saha's 80 brithday :- 

इनका जन्म कोलकत्ता में 1940 में हुआ था | चार साल की उम्र में तैराकी के लिए लाया गया था। उनकी अनिश्चित प्रतिभा को सचिन नाग ने देखा था, और बाद में वह इक्का भारतीय तैराक मिहिर सेन से प्रेरित होकर अंग्रेजी चैनल को पार करने की कोशिश करने लगी |

Arti saha

आरती गुप्ता एक मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखती थी | जब यह 2 साल की थी तब इनकी माता जी का निधन हो गया | इनके पिता एक सैनिक थे | बड़ी बहन और भाई का पालन पोषण इनके मामा के घर पर हुआ तथा आरती की परवरिश इन की दादी ने की | जब वह 4 साल की उम्र में पहुंची तो इन्होंने तैराकी शुरू की थी | जब 4 साल की थी तब अपने चाचा के साथ चंपा ताल घाट पर स्नान के लिए गई जहां उसने तैरना सीखा | अपनी बेटी की तैराकी में रुचि को देखते हुए पंच गोपाल साह ने अपनी बेटी को एक स्विमिंग क्लब में भर्ती कराया | 1946 में 5 साल की उम्र में उन्होंने अपने तैराकी करियर की शुरुआत की | उन्होंने अपने शुरुआती करियर में शैलेंद्र मेमोरियल स्विमिंग प्रतियोगिता में 110 गज की फ्रीस्टाइल में स्वर्ण पदक जीता |

Google honours swimmer Arati Saha  :-


1945 और 1951 के बीच पश्चिम बंगाल में 22 राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की उनके मुख्य कार्यक्रम 100 मीटर फ्रीस्टाइल 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 300 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक थे | वह मुंबई की डोली नजीर के बाद दूसरे स्थान पर आई | 1948 में उन्होंने मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लिया था | उसने 100 मीटर फ्रीस्टाइल और 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में रजत जीता और 200 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक जीता | उन्होंने 1950 में अखिल भारतीय रिकॉर्ड बनाया था | 1951 में पश्चिम बंगाल राज्य की बैठक में उन्होंने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में 1 मिनट में और 37.6 सेकंड की घड़ी देखी और डोली नजीर के अखिल भारतीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया |

इनको 1960 में पदम श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था | इनकी मृत्यु 19 दिन की बीमारी के बाद 23 अगस्त 1994 को हुई 1994 को हुई इनका जीवन बहुत ही स्वर्णिम था | अपने जीवन में बहुत सी उपलब्धियां प्राप्त की और दिखाया की एक महिला भी अगर चाहे तो बहुत कुछ कर सकती हैं इन्होंने इंटरनेशनल cross-channel स्विमिंग रेस में भी भाग लिया |
29 सितंबर 1959 को इन्होंने अपना दूसरा प्रयास किया | फ्रांस के Cape Gris Ne से शुरू होकर वह 16 घंटे 20 मिनट तक तैरती रही कड़ी लहरों से जूझ कर वह सेंड गेट इंग्लैंड तक पहुंची और इन्होंने 42 मील की दूरी तय की | इंग्लैंड के तट पर पहुंचने पर उन्होंने भारतीय ध्वज फहराया | विजय लक्ष्मी पंडित नहीं ने सबसे पहले बधाई दी | जवाहरलाल नेहरू समेत कई प्रतिष्ठित लोगों ने व्यक्तिगत रूप से उन्हें बधाई दी | 30 सितंबर को ऑल इंडिया रेडियो ने आरती शाह की उपलब्धि की घोषणा की

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