जोहरा मुमताज सहगल (Zohra Sehgal) : भारतीय अभिनेत्री, नृत्यांगना और कोरियोग्राफर

जोहरा मुमताज सहगल : भारतीय अभिनेत्री, नृत्यांगना और कोरियोग्राफर

 

जोहरा मुमताज सहगल एक भारतीय अभिनेत्री, नृत्यांगना और कोरियोग्राफर थी | एक समकालीन नृत्य मंडली के सदस्य के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाली इस महिला का नाम जोहरा मुमताज सहगल था |  सहगल कई ब्रिटिश फिल्म और बॉलीवुड फिल्म टेलीविजन शो और बॉलीवुड प्रस्तुति में 6 दशको तक दिखाई दी |



Zohra Sehgal


इन्होंने बहुत सी फिल्में की जिनमें नीचा नगर, अफसर भाजी ऑन द बीच, द मिस्टिक मसूर, बेंड इट लाइक, बेकहम, दिल से..., छाया, सांवरिया प्रमुख है |

टीवी धारावाहिक ज्वेल इन क्रॉउन, तंदूरी नाइट, अम्मा एंड फैमिली में काम किया | 90 साल की उम्र में उन्होंने 2002 की फिल्म “चलो इश्क लड़ाए” में केंद्रीय किरदार निभाया | भारतीय रंगमंच के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए उन्होंने “इंडियन पीपुल्स थियेटर एसोसिएशन" और पृथ्वीराज कपूर के “पृथ्वी थिएटर” के साथ 14 वर्षों तक काम किया | उन्होंने अंग्रेजी भाषा की फिल्मों जैसे “बेंड इट लाइक बेकहम” में भी काम किया है |


सहगल का जन्म साहिबजादी जोहरा मुमताजुल्ला खान बेगम के रूप में 27 अप्रैल 1912 को रामपुर, उत्तर प्रदेश, भारत में मुमताज़ुल्लाह खान और नटिका बेगम के यहाँ हुआ था।

जब वह एक वर्ष की आयु में मोतियाबिंद का शिकार हुईं, तो उनकी बाईं आंख में दृष्टि खो गई |

कम उम्र में अपनी माँ की मृत्यु के बाद, सहगल और उनकी बहनों को लाहौर के क्वीन मैरी कॉलेज में दाखिला मिला। स्नातक होने पर, उसके मामा, साहेबजादा सईदुज्जफर खान, जो एडिनबर्ग में स्थित थे, ने उन्हें ब्रिटिश अभिनेता के तहत प्रशिक्षु की व्यवस्था की। उन्होंने लाहौर से कार से सफर शुरू किया और दमिश्क, सीरिया पहुंचने से पहले, रास्ते में, ईरान और फिलिस्तीन को पार किया, जहां वह अपने चचेरे भाई से मिली।

Zohra Sehgal

1940 में भारत लौटने पर, सहगल अल्मोड़ा में उदय शंकर इंडिया कल्चरल सेंटर में एक शिक्षक बन गयी। यहीं पर वह अपने भावी पति कामेश्वर सहगल, एक युवा वैज्ञानिक, चित्रकार और डांसर से मिली |

दोनों ने सांस्कृतिक केंद्र में काम करना जारी रखा, और खुद को अग्रणी कोरियोग्राफर के रूप में स्थापित किया। अल्मोड़ा में अपने समय के दौरान, कामेश्वर सहगल ने मानव कठपुतलियों के लिए एक प्रसिद्ध बैले की रचना की और बैले लोटस डांस को कोरियोग्राफ किया।

सहगल 1945 में पृथ्वी थिएटर (जहाँ उनकी बहन, उज़रा बट्ट ने भी काम किया था) के साथ 400 रुपये मासिक वेतन के साथ एक अभिनेत्री के रूप में शामिल हुईं, और समूह के साथ पूरे भारत का दौरा किया।

Google tribute to Zohra Sehgal with special Doodle :

Google Zohra Segal


9 जुलाई 2014 को उन्हें निमोनिया से पीड़ित होने के बाद दक्षिणी दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था । 10 जुलाई 2014 को 102 वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु हो गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर सहगल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपने अभिनय के माध्यम से एक ऐसी पहचान बनाई, जो पीढ़ियों से प्रशंसित है साथ ही श्रद्धांजलि देते हुए अमिताभ बच्चन ने ट्वीट किया

 

पुरष्कार :

 

1963:  Sangeet Natak Akademi Award

1998: Padma Shri

2001: Kalidas Samman

2002: Padma Bhushan

2004: Sangeet Natak Akademi Fellowship

2010: Padma Vibhushan

 



 

 

 

 

 

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